Showing posts with label movie. Show all posts
Showing posts with label movie. Show all posts

Tuesday, December 4, 2012

पाई ऑफ़ लाइफ


रिचर्ड पार्कर (टाइगर) में एक स्टोरी की तलाश में निकला हूँ. क्या तुम मुझे सुन रहे हो रिचर्ड पार्कर? अगर तुम सुन रहे हो तो यह बहुत ही अच्छी बात है रिचर्ड पार्कर.

हां, में एक अच्छी स्टोरी लिखना चाहता हु रिचर्ड पार्कर. एक ऐसी स्टोरी जैसी यान मार्टेल ने तुम्हारे लिये लिखी. एक ऐसी स्टोरी जिसमे में तुम्हारा जिक्र भी कर सकू, क्यूंकि तुम मेरे एक ही डर हो, जिसका मुझे फियर है और अपने डर के बारे में बताना में गलत नहीं समझता हूँ. बहुत अच्छा होगा रिचर्ड पार्कर की तुम नाव में ही रहो और मुझे अभी अपनी स्टोरी के बारे में सोचने दो. (आखिर इंसान का डर एक टाइगर से भी ज्यादा तेज होता है) में अपनी राफ्ट पे जा रहा हु रिचर्ड पार्कर. तुम्हारे खाने का इन्तेजाम हो जाएगा, बस तुम मुझे तब तक मत खाना जब तक में अपनी कहानी लिख नहीं लेता.

(लाइफ ऑफ़ पाई के बारे में सोचकर एक यह ख्याल आया.)